Skip to main content

केन बेतवा लिंक नहर परियोजना(ken betwa link nahar pariyoja new update 2022)

केन बेतवा लिंक परियोजना से समृद्धि की ओर बढ़ता हुआ बुंदेलखंड: 



प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने बुंदेलखंड क्षेत्र को कैन बेतवा लिंक नहर परियोजना की सौगात देकर एक नए विकसित बुंदेलखंड की परिकल्पना को साकार करने का महत्वकांक्षी कदम बढ़ाया है। 44605 करोड़ रुपए की लागत वाली परियोजना मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड अंचल की तकदीर बदल कर विकास के नए आयाम विकसित करेगी। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड अंचल में सिंचाई एवं पेयजल में स्तरीकरण एवं स्थायित्व प्रदान करेगी। श्री नरेंद्र मोदी जी ने आदमी ने एक और मजबूत कदम बढ़ाते हुए देश के अलग-अलग क्षेत्रों में नदियों को आपस में जोड़ने की कवायत सुरू की है। प्रस्ताव को केंद्रीय बजट में पास किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी द्वारा विशेष रूप से केन बेतवा नदियों को जोड़ने के लिए 44605 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। प्रधानमंत्री मोदी का बुंदेलखंड के विकास पर विशेष ध्यान होने से स्वीकृत हुई केन बेतवा लिंक परियोजना किसानों के जीवन और खेती में बदलाव लाएगी। किसानों के खेतों में इस परियोजना से पानी पहुंचाने का संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूर्ण करना भागीदारी को नकारा नहीं जा सकता। इस परियोजना के क्रियान्वयन से मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र की गर्मी के मौसम में मजदूरों को रोजगार की तलाश में भटकना नहीं पड़ेगा।

बढ़ेंगे रोजगार के अवसर: 

 प्रोजेक्ट के तहत दो हाइड्रो पावर हाउस और सोलर प्लांट भी बनाए जाएंगे। परियोजना से उद्योग धंधों को बढ़ावा मिलेगा जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के इस प्रयास से बुंदेलखंड की जनता लाभान्वित होगी और बुंदेलखंड के विकास को नई गति मिलेगी।

पेयजल के साथ सिंचाई के लिए पानी भी महत्वपूर्ण:

केन बेतवा लिंक परियोजना की मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के 13 जिले शामिल है। इनमें मध्य प्रदेश के 10 जिले पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, सागर, रायसेन, सिवपुरी विदिशा और दतिया शामिल है। उत्तर प्रदेश के बांदा, महोबा, झांसी  इसके अंतर्गत आते हैं। इस परियोजना से इन सभी जिलों को सिंचाई एवं पेयजल की सुविधा प्राप्त होगी। 

आम आदमी का जीवन स्तर सुधरेगा और आय में वृद्धि होगी। दोनों प्रदेशों में 10.62 लाख हेक्टेयर जमीन पर खेती हो सकेगी और आदि को पीने भी मिलेगा।

परियोजना एक नजर:

 मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट के अनुसार ढोधन बांध पर 75% निर्भरता पर कुल उपलब्ध 6590 मी. घ. मी. जल में से 2666 मी. घ.मी. बांध के ऊपरी कछार में मध्यप्रदेश के उपयोग हेतु सुरक्षित रहेगा। इसके पश्चात मध्य प्रदेश को परियोजना से आवंटित 2350 मी. घ. मी. रवि फसलों के लिए उपयुक्त रहेगा। उत्तर प्रदेश को कुल 1700 मी. घ. मी. उपलब्ध होगा जिसमें से 750 मी. घ. मी. रवि के लिए प्राप्त होगा। परियोजना की कुल लागत रुपए 44605 करोड़ रुपए है। 

इस योजना को 8 वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

परियोजना से मध्य प्रदेश के असिंचित एवं सूखाग्रस्त बुंदेलखंड क्षेत्र एवं उत्तर प्रदेश के सिंचित क्षेत्र के स्तरीकरण हेतु 10.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी।

 मध्य प्रदेश की 41 लाख एवं उत्तर प्रदेश की 21 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा मिलेगी।

 103 मेगा वाट जल विद्युत एवं 27 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन भी होगा। कुल विद्युत उत्पादन का मध्य प्रदेश द्वारा उपयोग किया जाएगा।

परियोजना से मध्यपदेश को मिलने वाला लाभ:

 परियोजना से मध्यप्रदेश को  8.11 लाख हेक्टेयर सिंचाई सुविधा जिसमें 6.05 लाख हेक्टेयर केन कछार में और 2.06 लाख हेक्टेयर बेतवा कछार में  प्राप्त होगी। इसके अलावा 41 लाख आबादी को केन कछार में पेयजल की सुविधा भी प्राप्त होगी।

परियोजना से कुल 10 जिले लाभान्वित होंगे इसमें से पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, कैन कछार में तथा सागर, रायसेन, विदिशा शिवपुरी एवं दतिया बेतवा कछार में लाभान्वित होगी।

केन कछार में लगभग 18 तहसील एवं 1376 गांव को सिंचाई एवं पेयजल की सुविधा प्राप्त होगी।

बेतवा कछार में तीन परियोजनाओं से कुल 10 तहसील एवं 673 गांव को सिंचाई एवं पेयजल की सुविधा प्राप्त होगी।

दोस्तों हमें आशा है कि इस ब्लॉग में आपको सभी प्रकार की जानकारी मिल गई होगी। केन बेतवा लिंक नहर परियोजना से। 

Comments

Popular posts from this blog

dr.umashankar patel,best child specialist at chhatarpur,(डॉ.उमाशंकर पटेल छतरपुर (म.प्र.)

dr.umashankar patel,best child specialist at chhatarpur (mp) डॉ. उमाशंकर (यू.एस.) पटेल नेताजी सुभाष चंद्र बोस चिकित्सा महाविद्यालय से एम.बी.बी.एस पास किए, तत्पश्चात विभिन्न ग्रामीण अंचलों में अपनी सेवाएं प्रदान की। प्रथम पदस्थापना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खजुराहो से हुई। 2019 में एम.पी.पीएससी. से मेडिकल ऑफिसर पद पर चयनित होकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कर्री(राजनगर) में पदस्थ हुए। कोरोना काल में अपनी बेहतरीन सेवाएं प्रदान करते हुए पी.जी. में सेलेक्ट होकर बाल एवं नवजात शिशु रोग विशेषज्ञ की उपाधि college of physicians & surgeon Mumbai से प्राप्त की और वर्तमान समय में जिला चिकित्सालय छतरपुर में पी.जी.एम.ओ. के रूप में पीडियाट्रिक विभाग में पदस्थ हैं। साथ ही आपातकालीन ड्यूटी भी आपके द्वारा जिला चिकित्सालय में संपादित की जा रही है। हम यह जानेंगे: डॉ.यू.एस.पटेल का प्रारंभिक जीवन डॉ.पटेल से जुड़ी सामान्य जानकारी डॉ. उमाशंकर पटेल की शिक्षा जिला चिकित्सालय इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर अनुभवी मेडिकल ऑफिसर परामर्श केंद्र एवम् संपर्क सूत्र डॉक्टर यू. एस. पटेल से जुड़े कुछ प्रश्न डॉ.यू.एस.पटेल का प्रा...

खाटू श्याम जी का मंदिर कहा है? Khatu shyam ji ka mandir kahan hai?

खाटू श्याम जी का मंदिर कहा है? Khatu shyam ji ka mandir kahan hai? खाटू श्याम जी का मंदिर राजस्थान के सीकर में मौजूद भगवान श्री कृष्ण के मंदिरों में सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। वर्तमान समय में खाटू श्याम जी का मंदिर पूरे भारत ही,बल्कि विश्व में चर्चा का विषय बना हुआ है। हिंदू धर्म में खाटू श्याम को कलयुग में श्री कष्ण का अवतार माना जाता है। राजस्थान के सीकर में खाटू श्याम (भगवान) का मंदिर भारत में कृष्ण भगवान के मंदिरों में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है। खाटू श्याम जी को कलयुग का सबसे भक्ति भावना वाला श्रद्धा का केंद्र माना जाता है। सीकर जिले में स्थित खाटू(वर्तमान में प्रसिद्ध स्थल) गांव में बने मंदिर को काफी मान्यता मिलती है। ऐसा कहा जाता है, कि श्याम बाबा से भक्त जो भी मांगता है, वह  प्राप्त होता है। खाटू श्याम को लखदातार के नाम से भी जाना जाता है। सनातन धर्म के अनुसार खाटू श्याम को कलयुग में श्री कृष्ण का अवतार माना गया। बाबा खाटू श्याम का संबंध महाभारत काल से माना जाता है।(पौराणिक मान्यता,सनातन ग्रंथ के अनुसार) पांडु पुत्र भीम के पोते थे। ऐसा कहा जाता है, कि खाटू श्याम की शक्तियों और ...