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Panna rashtriya udyan (पन्ना राष्ट्रीय उद्यान)
पन्ना राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश -
पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र भारत का 22 वा और मध्य प्रदेश का पांचवा बाघ आरक्षित क्षेत्र है। पन्ना रिजर्व विंध्यन रेंज में स्थित है और यह राज्य के पन्ना और छतरपुर जिला में फैला हुआ है। पन्ना राष्ट्रीय उद्यान 1981 में बनाया गया था। ताकि बाघों को आरक्षित किया जाए। 1994 में भारत सरकार द्वारा एक परियोजना के तहत टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था।
कान में 1975 में बनाए गए पूर्व गंगाऊ वन्यजीव अभ्यारण क्षेत्र भी शामिल है। अभ्यारण में वर्तमान के उत्तरी और दक्षिणी वन क्षेत्र शामिल हैं। पन्ना वन प्रभाग , जिसके निकट छतरपुर वनप्रभाग का एक भाग बाद में जोड़ा गया ।
भारतीय जंगलों में हाथी की चिंघाड़, मोर का नाच,ऊंट की सैर, शेर की दहाड़ सुनने को मिलेगी। भारत के जंगलों में जीव जंतुओं की बहुत सी प्रजातियां हैं। जैसे देखने के लिए पर्यटक देश विदेश से आते हैं। भारत में 70 से अधिक राष्ट्रीय उद्यान और 500 से अधिक वन जीवअभ्यारण क्षेत्र शामिल है और इसके अलावा पक्षी अभ्यरण भी शामिल हैं।
बाघ संरक्षण के क्षेत्र में बेहतर काम करने के लिए पन्ना रिजर्व टाइगर को 25 अगस्त 2011में यूनेस्को की world network of biosphere रिजर्व सूची में शामिल किया गया।
वर्तमान में पन्ना टाइगर रिजर्व 56 बाघों के घर-
पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अनेक जीव जंतु निवासरत है।पन्ना नेशनल पार्क में मुख्य आकर्षण का केंद्र बाघ,बारहसिंघा, शीतल,चिंपांजी और नीलगाय आदि वन्य जीव जंगल में निवासरत हैं। इस पार्क में लगभग 200 पक्षियों की प्रजातियां और सांपों में अजगर की प्रजातियां भी निवासरत है। इसके अलावा प्रवासी पक्षी भी यहां आते हैं।
पन्ना नेशनल पार्क की यह खासियत है कि यह विश्व पर्यटक नगरी खजुराहो के निकट स्थित है। एक साथ यहां पर कई दार्शनिक स्थल जैसे बागेश्वर धाम, जटाशंकर धाम,भीमकुंड एवं कुटनी डैम आस-पास स्थित है।
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