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केन बेतवा लिंक परियोजना मुआवजा वितरण कैंप (ken betwa pariyojana kitna muabja milega)

केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी नदी जोड़ो परियोजना केन बेतवा लिंक नहर परियोजना के लिए लगभग सभी प्रकार की तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। पन्ना और छतरपुर जिले के विस्थापित होने वाले किसानों व परिवारों को मुआवजा दिलाने संबंधी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रभावित होने वाले प्रत्येक गांव में अफसरों की टीमें तैनात की गई हैं। जिसमें अधिकारियों द्वारा प्रभावित होने वाले लोगों के परिवार संबंधी जानकारियों को एकत्रित किया जा रहा है।

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विस्थापित होने वाली परिवार के लोगों को मुआवजा दिया जा सके। आज बुंदेलखंड क्षेत्र भयंकर सूखे से गुजर रहा है,जिससे निजात दिलाने के लिए अटल बिहारी बाजपेई सरकार के शासन काल में शुरू हुई यह परियोजना बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए रोजगार एवं कृषि क्षेत्र के नए अवसर किसानों को प्रदान करेगी। जल को ही जीवन माना जाता है। इससे तय है,कि बाढ़ एवं सूखा प्रभावित किसानों को संतुलित खेती करने को मिलेगी।


  • केन बेतवा परियोजना में विस्थापितों को मिलेगा मुआवजा:

  • विस्थापित होने वाली परिवार के लोगों को मुआवजा दिया जा सके। आज बुंदेलखंड क्षेत्र भयंकर सूखे से गुजर रहा है,जिससे निजात दिलाने के लिए अटल बिहारी बाजपेई सरकार के शासन काल में शुरू हुई यह परियोजना बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए रोजगार एवं कृषि क्षेत्र के नए अवसर किसानों को प्रदान करेगी। जल को ही जीवन माना जाता है। इससे तय है,कि बाढ़ एवं सूखा प्रभावित किसानों को संतुलित खेती करने को मिलेगी।
  •  ग्रामीणों को तहसील नहीं आना होगा। 

तहसीलदार व अन्य राजस्व अमला गांव में ही आवेदन लेकर अगले शिविर तक रिकॉर्ड ठीक कर रहे हैं। जिससे मुआवजा संबंधी विसंगतियां सामने न आए। बिजावर एसडीएम राहुल सिलाडिय़ा ने कुपी और शाहपुरा जाकर ग्रामीण से संवाद कर उन्हे राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त कराने और शिविर के बारे में जानकारी पहले दी थी।

  • सभी गांवों में लग रहे शिविर :

 ढोढऩ में बनने वाले मुख्य बांध के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व के 21 गांव प्रभावित हो रहे हैं। जिसमें छतरपुर जिले के 14 और पन्ना जिले के 7 गांव प्रभावित होंगे। 10 गांव बांध के डूब क्षेत्र में प्रभावित हो रहे हैं, जबकि वन भूमि की क्षतिपूर्ति में पन्ना जिले के 7 और छतरपुर जिले के 6 गांव मिलकार 13 गांव प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में कुल प्रभावित गांव की संख्या 23 है। लेकिन डूब व वन भूमि क्षति पूर्ति में दो गांव की जमीन कॉमन होने से कुल प्रभावित गांव की संख्या 21 हो रही है। छतरपुर जिले के प्रभावित सभी गांवों में शिविर लगाए जा रहे हैं । ताकि सभी जगह राजस्व रिकॉर्ड अपडेट हो सकें।

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  • घर परिवार के साथ मवेशी भी होंगे प्रभावित:

जल शक्ति मंत्रालय द्वारा बनाए गए प्राथमिक डीपीआर के अनुसार 637 कच्चे घर, 1252 आधे कच्चे-पक्के मकान और 24 पक्के मकान डूब क्षेत्र में आएंगे। प्रभावित घरों के मालिकों को मुआवजा के बतौर पक्के मकान के बदले 1लाख 50 हजार, आधा कच्चा-पक्का मकान का 1 लाख और कच्चे मकान का 50 हजार रुपए मुआवजा दिया जाएगा। दस गांव के डूब क्षेत्र में जाने से न केवल वहां के लोग बल्कि पालतू मवेशी भी प्रभावित हो रहे हैं।

  • बांध निर्माण से डूब जाएंगे 10 गांव: 

जल शक्ति मंत्रालय के डीपीआर के मुताबिक केन नदी को बेतवा से जोडऩे के लिए ढोढऩ में बनाए जा रहे मुख्य बांध के डूब क्षेत्र में 10 गांव आ रहे हैं। इस परियोजना के मुख्य बांध से बिजावर तहसील इलाके के बसौदा, भरकुआं, ढोढऩ, घौरारी, खरयानी, कुपी, मैनारी, पलकोंहा, शाहपुरा और सुकवांहा गांव के 1913 घर और 8 हजार 339 लोग बांध से प्रभावित हो जायेंगे। वहीं बांध बन जाने से 6 जिलों छतरपुर, पन्ना, झांसी, महोबा, टीकमगढ़, बांदा के 62 गांव के 2480 किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा।

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  • प्रोजेक्ट एक नजर में:

केन बेसिन से उप्र में सिंचाई -     2.27 लाख हेक्टेयर

केन बेसिन से मप्र में सिंचाई-      4.47 लाख हेक्टेयर

बेतवा बेसिन से मप्र में सिंचाई-    2.06 लाख हेक्टेयर

परियोजना से पन्ना जिले में प्रस्तावित सिंचाई रकबा:

70 हजार हेंक्टेयर

  • प्रभावित हुए गांव एवम घर:

बसौदा                  39

भरकुआं                57

ढोढऩ                    132

घौरारी                   33

खरियानी               300

कुपी                     512

मैनारी                   75

पलकोंहा               452

शाहपुरा                 88

सुुकवाहा                225

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